एक कविता – जब चिडियां चुग गई खेत!


कमांडर वी के जेटली

मोदी की चिंता मत करो, तुम अपनी और अपनी आने वाली पीढियों की चिंता करो। तुम्हारे लिये यह एक आखिरी मौका है। फिर कोई नरेन्द्र मोदी जैसा हिंदू हितों का रखवाला शासक नहीं मिलेगा। कभी नहीं ….  हाथ मलते रह जाओगे … हाथ मलने का भी क्या लाभ, जब चिडियां चुग गई खेत?

एक कविता है, जो  भारत के जनमानस की हालत को दर्शाती है:

मन की हल्दीघाटी में,
राणा के भाले डोले हैं,

यूँ लगता है चीख चीख कर,
वीर शिवाजी बोले हैं,

पुरखों का बलिदान, घास की,
रोटी भी शर्मिंदा है,

कटी जंग में सांगा की,
बोटी बोटी शर्मिंदा है,

खुद अपनी पहचान मिटा दी,
कायर भूखे पेटों ने,

टोपी जालीदार पहन ली,
हिंदुओं के बेटों ने,

सिर पर लानत वाली छत से,
खुला ठिकाना अच्छा था,

टोपी गोल पहनने से तो,
फिर मर जाना अच्छा था,

मथुरा अवधपुरी घायल है,
काशी घिरी कराहों से,

यदुकुल गठबंधन कर बैठा,
कातिल नादिरशाहों से,

कुछ वोटों की खातिर लज्जा,
आई नही निठल्लों को,

कड़ा-कलावा और जनेऊ,
बेंच दिया कठमुल्लों को,

मुख से आह तलक न निकली,
धर्म ध्वजा के फटने पर,

कब तुमने आंसू छलकाए,
गौ माता के कटने पर,

लगता है पूरी आज़म की,
मन्नत होने वाली है,

हर हिन्दू की इस भारत में,
सुन्नत होने वाली है,

जागे नही अगर हम तो ये,
प्रश्न पीढियां पूछेंगी,

गन पकडे बेटे, बुर्के से,
लदी बेटियाँ पूछेंगी,

बोलेंगी हे आर्यपुत्र,
अंतिम उद्धार किया होता,

खतना करवाने से पहले
हमको मार दिया होता

सोते रहो सनातन वालों,
तुम सत्ता की गोदी में,

देखते रहो बस तुम,
गलतियाँ अपने मोदी में ll

पर साँस आखिरी तक भगवा की,
रक्षा हेतु लडूंगा मैं,

शीश कलम करवा लूँगा पर,
कलमा नही पढूंगा मैं|

1 Comment (+add yours?)

  1. Santanu Dey
    Apr 10, 2018 @ 20:03:40

    If we ourselves don’t understand where our own interest lies then no one can help us.

    Like

    Reply

Join discussion:

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: